निर्देश : - निम्नलिखित गद्यांश पर आधारित पाँच प्रश्न दिए गए हैं , गद्यांश को ध्यान से पढिए और प्रश्न का उत्तर दीजिए
गद्यांश
सृष्टि का सर्वश्रेष्ठ प्राणी मानव है । अतीत में एक समय था जब वह प्रायः पशुओं के समान ही था । दीर्घकालीन संघर्ष के पश्चात वह सर्वश्रेष्ठ बन सका । भीमकाय , बड़े भयंकर और अति बलशाली पशुओं से संघर्ष था । मानव की विजय का कारण उसका शारीरिक बल उतना ही नहीं था जितना उसका बौद्धिक बल था । पशु अंत प्रेरणा से एक सीमित क्षेत्र में ही काम करते हैं । उनमें जो परिवर्तन होता है , वह प्रकृति के कारण होता है जबकि मानव अपनी बुद्धि का प्रयोग करके विस्तृत क्षेत्र में काम करता है मानव की “जिज्ञासा-वृति” भी उसे पशुओं से भिन्न करती हैं । प्रकृति के रहस्य को खोजने , उन्हें उपयोग में लाकर जीवन को अधिक सुखमय बनाने तथा ज्ञान - विस्तार के मूल में उनकी जिज्ञासा ही है , जिसका पशुओं में सर्वथा अभाव है । एक विशेष गुण मानव में है ,वह सौन्दर्यानुभूति सृष्टि के समस्त चारचारों के केवल मानव ही सुंदर और भद्दी वस्तुओं में भेद कर सकता है । अपने इस विवेक के कारण ही वह कलाकार बन सका है तथा ललित कलाओं का विकास भी संभव हो पाया है
96. पशु - जगत पर मानव की विजय का मुख्य कारण क्या था ?
अन्तः प्रेरणा
शारीरिक बल
बुद्धि बल
सौन्दर्यानुभूति
उत्तर :- बुद्धि बल
97. जिज्ञासा - वृति के कारण ही मनुष्य
पशुओ से भिन्न है
प्रकृति के रहस्यों को खोजता है
ज्ञान का विस्तार करता है
उपयुक्त तीनों
उत्तर :- पशुओ से भिन्न है
98. पशुओ मे मुख्य रूप से कौन - सी विशेषता काम करती है ?
जिज्ञासा
सौन्दर्यानुभूति
अंत प्रेरणा
विवेक
उत्तर :-अंत प्रेरणा
99. ललित कलाओं का विकास कैसे हुआ ?
मनुष्य की सौन्दर्यानुभूति के कारण
मनुष्य की अभिव्यक्ति-क्षमता के कारण
मनुष्य की संघर्ष-कारण के कारण
मनुष्य की तर्क -बुद्धि के कारण
उत्तर :- मनुष्य की सौन्दर्यानुभूति के कारण
100. “चराचर “ शब्द से अभिप्राय है
चरने वाले पशु
चार पैरों वाला
जर और चेतन
पीछे पीछे चलने वाला
उत्तर :- जर और चेतन






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