ढोल की पोल/ढोल के भीतर पोल मुहावरे का अर्थ हैं ( dhol kee pol/dhol ke bheetar pol muhaavare ka arth hain )— बाहरी दिखावे के पीछे छिपा खोखलापन।
जैसे : -
ये स्वामी लोग व्याख्यान तो बहुत सुन्दर देते हैं, परन्तु उनके जीवन को निकट से देखने पर पता चलता है कि ढोल के भीतर भी पोल है।
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